Osho Trail

भारत में स्मार्ट नगर की कल्पना प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की है जिन्होंने देश के १०० नगरों को स्मार्ट नगरों के रूप में विकसित करने का संकल्प किया है। सरकार ने २७ अगस्त २०१५ को ९८ प्रस्तावित स्मार्ट नगरों की सूची जारी कर दी है जबलपुर स्मार्ट सिटी परियोजनामें ओशो रजनीश को लेकर नए किस्म का टूरिज्म प्रस्तावित है जिसमे ओस्शो के जुड़ी हुए स्मृति चिन्हों स्थानों प्रतीकों आश्रमों में ओशो प्रेमी भ्रमण करेंगे|

 

 

 

 

 

 

 

ओशो रजनीश का जीवन पररचय :
प्रसिद्ध नाम – ओशो (Osho)
अन्य नाम – भगवान  श्री रजनीश, आचार्य रजनीश, और चन्द्र मोहन जनै (Bhagwan
Shree Rajneesh, Acharya Rajneesh, and Chandra Mohan Jain)
राष्ट्रीयता – भारतीय (Indian)
जन्म – 11 दििम्बर, 1931 कुच्वाडा गााँव, बरेली तहिील, रायसेन, भोपाल राज्य, ब्रिदिश
भारत – जो आज के दिन मध्य प्रदेश, भारत है (Kuchwada Village, Bareli Tehsil,
Raisen Distt. Bhopal State, British India (modern day Madhya Pradesh, India)
मृत्यु – 19 जनवरी, 1990 पूना, महाराष्ट्र, भारत
प्रसिद्ध होने का कारण – सबसे विवादास्पद अध्यात्मिक नेताओं और जनता के
वक्ताओं में से एक।

 

ओशो एक भारतीय रहस्यवादी, गुरु और शिक्षक  थे जिन्होंने  ध्यान के लिए अध्यात्त्मक अभ्यास बनाया था। वे एक विवादित नेता तो हैं पर पुरे विश्व में उनके लाखों अनुयायी हैं और हजारों की तागाद में उनके विरोधी थे। वे एक प्रतिभाशाली वक्ता थे और किसी भी प्रकार के विषयों में अपने विचार व्यक्त करने में थोडा भी नहीं झिजकते थे। यहााँ तक की उन्हें रुदिवादी समाज द्वारा निषेध भी माना जाता है।उनका जन्म एक उच्च परिवार  में हुआ था और बाद में वे अपने दादा   दादी के साथ रहने लगे। उनके दादा दादी से ही  उनके मन में एक नेतृत्व और नेता बनने का विचार उत्पन्न हुआ। वे एक विरोधी  किशोर के रूप में बड़े हुए और समाज के मौजुदा धमों, संस्क्रतियो और समाज पर कई सवाल उठाये उन्होंने 21 वर्ष की आयु में रहस्यमयी तरीके िे अध्यात्त्मक ज्ञान के अनुभव का दावा भी किया और उसी के बाद उन्होंने अपने प्रोफेसर की नौकरी छोड़ दी और उन्होंने अध्यात्त्मक ज्ञान के गुरु के रूप में अपना कायय शुरू कर दिया।

 

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